सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना होगा
उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर हमें ज्यादा सजग रहना होगा। क्योंकि यहां पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता और पहुंच काफी कम है। इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना होगा। दून विवि में उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल विषय पर आयोजित गेाष्ठी में कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने ये बात कही।
विकास के मुद्दों पर एक जीवंत चर्चा करने के लिए अर्थशास्त्र विभाग के छात्रों और शिक्षकों की ओर से ये गोष्ठी के रूप में एक पहल की गई थी। अर्थ शास्त्र विभाग के प्रमुख प्रो. राजेंद्र पी. ममगैन ने कहा कि उन विभिन्न चुनौतियों को रेखांकित किया जो उत्तराखंड को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सामना कर रही हैं। एसजीआरआर महाविद्यालय के प्रिंसिपल और प्रख्यात विशेषज्ञ प्रोफेसर वीए बौड़ाई ने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का सूक्ष्म अध्ययन करने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर लोगों की धारणा को समझने का सुझाव दिया। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के प्रो. पंकज नैथानी ने उत्तराखंड में जिलेवार रुग्णता का विश्लेषण करके सार्थक परिणाम प्राप्त करने के लिए परिष्कृत सांख्यिकीय तकनीकों का उपयोग करके एक गुणवत्ता पत्र लिखने के महत्व का प्रदर्शन किया। प्रो. एच.सी. पुरोहित, हेड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. एचसी पुरोहित ने कहा कि तकनीकी परिवर्तन और सूचना प्रौद्योगिकी के जरिए उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जा सकता
