उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में वर्चुअल रोजगार एवं उद्यमिता संवाद आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बोधिसत्व विचार श्रृंखला की पांचवी संगोष्ठी को सम्बोधित किया Mahi Mani January 6, 2022
उत्तराखंड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह( से नि ) ने बुधवार को राजभवन में श्री अनिल चंद्र पुनेठा को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा श्री विवेक शर्मा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलवाई Mahi Mani January 6, 2022
उत्तराखंड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से मंगलवार को राजभवन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी उत्तराखंड के महासचिव डॉ एमएस अंसारी तथा अन्य सदस्यों ने मुलाकात की। Mahi Mani January 5, 2022
उत्तराखंड देहरादून (संवाददाता)। आशुतोष महाराज (डीजेजेएस के संस्थापक एवं संचालक) के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा 26 दिसंबर से 1 जनवरी 2022 तक सात दिवसीय डिजिटल श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा को डीजेजेएस के यूट्यूब चैनल पर वेबकास्ट किया गया। विश्व भर सेश्रद्धालुओं ने कथा कार्यक्रम का लाभ प्राप्त किया। देवी भागवत महापुराण के माध्यम से, कथाव्यास साध्वी अदिति भारती जी ने भक्तों के लिए मानव जीवन की महत्ता को स्पष्ट रूप से उजागर किया। उन्होंने कहा कि मानव की विकसित बुद्धि ने उसे सम्पूर्ण विश्व का सर्वोच्च प्राणी बनाया है। परंतु, वह श्रेष्ठ मार्गदर्शन में ही सकारात्मक दिशा में काम कर रचनात्मक प्रतिभा का निर्माण कर पाती है। पर अब अहम प्रश्न उठता है की वह श्रेष्ठ मार्गदर्शन क्या है? और कैसे प्राप्त किया जा सकता है? साध्वी जी ने ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिये। हम सब जानते हैं की जब जब भी धर्म की हानी होती है, तब तब माँ भगवती अवतार धारण करती हैं। ऐसे में साध्वी जी ने इस जरूरी मुद्दे को भी उठाया की क्या इस दिव्यताका दर्शन किया जा सकता है? क्या आज भी देवी माँ को देखा जा सकता है? केवल प्रश्न ही नहीं उठाया बल्कि ग्रन्थों के आधार पर सटीक समाधान भी दिये। साध्वी जी ने स्पष्ट वर्णन करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों और संतों ने देवी के वास्तविक रूप का अनुभव किया था। और यह सनातन पद्धति आज भी विद्यमान है। इस तकनीक को ब्रह्मज्ञान यानि दैवीय ज्ञान कहते हैं। यह ज्ञान केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही प्रदान कर सकते हैं। साध्वी जी ने इस विषय पर भी प्रकाश डाला की ईश्वरीय ज्ञान होना क्यों आवश्यक है? जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है कि दिव्य मार्गदर्शन हेतु ब्रह्मज्ञान की अनिवार्यता है। ब्रह्मज्ञान के समान कोई अन्य ज्ञान नहीं है। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से परमात्मा का साक्षात्कार करना ही वह विशेषता है जो मनुष्य को विशेष बनाता है। इसी कारण प्राचीन काल से संतों ने मानव जीवन को वह वरदान माना,जो जन्म और मृत्यु के चक्र को समाप्त करने के लिए माँ भगवती का अनुपम उपहार है। कथा समापन पर साध्वी जी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि माँ भगवती ने नाशवान वस्तुओं की आसक्ति त्याग, ब्रह्मज्ञान द्वारा मुक्ति की ओर बढ़ने को प्रेरित किया है। ब्रह्मज्ञान द्वाराहम उस दिव्य स्रोत का अनुभव कर सकते हैं जो पूरे ब्रह्मांड को बनाए रखता है, पोषण करता है और आगे बढ़ाता है। इसलिए,एक सुखी और सम्पन्न जीवन के लिएशीघ्र ही आध्यात्मिक यात्रा आरम्भ करेंऔर इस यात्रा में डीजेजेएस हमेशा जिज्ञासुओं को ईश्वरीय सत्य की ओर ले जाने हेतु प्रयासरत है। उत्तराखण्ड सरकार के टीकाकरण अभियान को सहयोग देने के प्रयास को बढ़ावा देने के लिए टाटा मोटर्स ने पंतनगर में बिलकुल नई विंगर वैक्सीन वैन डिलीवर की। Mahi Mani January 5, 2022
उत्तराखंड सहसपुर विधान सभा क्षेत्र के चंद्रबनी में विधायक सहदेव पुंडीर ने 150 श्रमिकों Mahi Mani January 4, 2022
उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। डॉ. बी.के.एस. संजय प्रसिद्ध आर्थोपैडिक सर्जन हैं Mahi Mani January 4, 2022
उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्म इण्टर कॉलेज बन्नू रेस कोर्स, देहरादून में 15 से 18 वर्ष आयु के किशोरों के कोविड टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। टीकाकरण अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष कुमारी आरना एवं कुमारी प्रथा का टीकाकरण किया गया।. Mahi Mani January 4, 2022
उत्तराखंड केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने चार राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों में बीआरओ द्वारा निर्मित 24 पुल और तीन सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इनमें उत्तराखण्ड में तीन पुल शामिल हैं। Mahi Mani December 29, 2021
उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को मिसेज इंडिया अर्थ 2021 सुश्री अंकिता शर्मा ने भेंट की।… Mahi Mani December 28, 2021