कार्यक्रम के दौरान सीएम। ——————————— दलितों के ही नहीं सर्वसमाज के भी मसीहा थे बाबा साहेब अंबेडकरः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर द्वारा समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए किया गया उनका संघर्ष हर पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने देश से जाति प्रथा और समाज में कुव्यवस्था को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी। डा. अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं विचार थे, एक नेता नहीं पथप्रदर्शक थे और एक विचारक नहीं बल्कि समाज सुधारक थे।
गुरूवार को भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की 131वीं जयन्ती के अवसर पर ओएनजीसी एकेडमी के नेहरू सभागार मे आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अभी अभी एक शब्द का प्रयोग किया गया गॉड फादर और कहा गया कि बाबा साहब दलितों के गॉड फादर थे, मुझे इस शब्द पर आपत्ति है और मैं समझता हूं बाबा साहब भी ये शब्द सुनते तो उनको भी अच्छा नहीं लगता। मेरा मानना है कि बाबा साहब दलितों के ही नहीं बल्कि सर्व समाज के मसीहा थे।
