टिहरी शहर में पेयजल और बिजली के बिलों की समस्या को लेकर टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को विधानसभा में मुलाकात कर अवगत कराया। बताया कि पहले ही लोग कोविड-19 के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में किसी के जल संयोजन काटना न्यायोचित नहीं है। मामले में सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। दूसरी, ओर जल संस्थान ने शहर के होटल व अन्य व्यवसायियों को बिल जमा करने के लिए एक माह का समय दिया है। मंगलवार को विधायक किशोर उपाध्याय ने विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विधानसभा सत्र के दौरान सीएम धामी से मुलाकात की। उन्होंने पानी, सीवर सीट शुल्क और बिजली के कनेक्शनों को न काटने की अपील की। जिस पर सीएम ने तत्काल इस तरह की कार्रवाई रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए। वहीं जल संस्थान के ईई सतीश चंद्र नौटियाल ने होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मी भट्ट को पत्र भेजकर बताया कि पेयजल बिलों को जमा करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। इस बीच यदि शासन से कोई निर्णय नहीं होता है तो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। बताया कि मामले में विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश के बिल जमा कराने की तिथि बढ़ाई गई है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मंगलवार को अपने देहरादून आवास पर एक घंटे के मौन उपवास पर रहे। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर यह जानकारी दी।
वह मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक उस समय मौन उपवास पर रहे जब राज्यपाल विधानसभा में अपना अभिभाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जनपद के ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विपक्ष के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। शासन व प्रशासन भाजपा के दबाव में इस उत्पीड़न को कर रहा है। हरीश रावत ने कहा कि इस उत्पीड़न के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए मैं अपने देहरादून स्थित आवास पर एक घंटे के मौन उपवास पर रहा।
